शांति वार्ता प्रस्‍ताव: अमित शाह के दौरे से पहले, माओवादियों ने हिंसा रोकने दिया प्रस्‍ताव, छत्‍तीसगढ़ सरकार से ये मांग



छत्‍तीसगढ़ में नक्सल प्रभावित इलाकों में लगातार सुरक्षा बलों के एनकाउंटर से दबाव में आकर माओवादियों ने शांति वार्ता का प्रस्ताव दिया है। माओवादी पार्टी के केंद्रीय प्रतिनिधि अभय ने एक तेलुगू भाषी प्रेस नोट (CG Naxal Peace Talk) जारी कर कहा है कि वे छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड, मध्य प्रदेश और तेलंगाना में हिंसा रोकने के लिए तैयार हैं। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों से सकारात्मक प्रतिक्रिया की अपील की है।

माओवादियों ने स्पष्ट (CG Naxal Peace Talk) किया कि यदि सरकार शांति वार्ता का प्रस्ताव रखती है, तो वे युद्धविराम की घोषणा करने के लिए तैयार हैं। यह प्रस्ताव केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के छत्तीसगढ़ दौरे से ठीक एक दिन पहले आया है, जिससे इसकी राजनीतिक और सुरक्षा रणनीतिक महत्ता बढ़ गई है।

सरकार के रुख पर टिकी सबकी नजर

अब सवाल यह है कि क्या केंद्र और राज्य सरकारें इस प्रस्ताव (CG Naxal Peace Talk) पर गंभीरता से विचार करेंगी या फिर इसे नक्सलियों की कमजोरी मानकर ऑपरेशन और तेज कर दिया जाएगा। पिछले कुछ महीनों में सुरक्षा बलों की कार्रवाई से नक्सलियों को भारी नुकसान हुआ है, जिसके चलते उनका यह कदम देखा जा रहा है।

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